बुधवार, 17 फ़रवरी 2010

एक दिन अचानक नेट पर कुछ पद ही रही थी किसी का कोई लेख ,एक कमेन्ट लिखा  था ,लाइफ का पहला नेट कमेन्ट जिसने जीवन की दशा ही बदल दी |
मुझको अचानक एक फरिश्ता आ मिला ,ये जान कर लगता है आज भी इस संसार मै राम का वास है ,हां भगवान हमारे साथ ही यही इसी दुनिया मै हर पल साथ रहते है ,बस हम पहचान नहीं पाते और राम हमसे मिलकर भी चले जाते है  |
मै धन्य हूँ की मेरे राम मेरी आत्मा मै मेरे साथ है |
इसीलिए कहती हूँ अपने गुरु अपने राम को आप भी ढूंड निकालिए .पहचानिए कही आप के राम आप के आस पास तो नहीं !

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